यूपी में पेट्रोल-एलपीजी की लाइनों पर सियासत तेज: अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, अफवाहों से बिगड़े हालात का आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार और बीजेपी को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए राज्य की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।

‘अधिकारियों को फिल्म नहीं, मैदान में भेजना चाहिए था’
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चार घंटे की प्रचार फिल्म दिखाने के बजाय पेट्रोल पंपों पर तैनात किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामी के कारण निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को जनता के गुस्से का सामना अकेले करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ हालातों को स्वीकार नहीं कर रही, वहीं दूसरी ओर भ्रामक बयान देकर लोगों में अनिश्चितता और आक्रोश बढ़ा रही है।

वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने दो अलग-अलग वीडियो साझा किए, जिनमें एक में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और दूसरे में एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े लोग दिखाई दे रहे हैं। पार्टी की ओर से तंज कसते हुए कहा गया कि भाजपा शासन में जनता को लाइन के अलावा कुछ नहीं मिला।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की तैयारी पर उठाए सवाल
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने राज्य के कई हिस्सों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़ का जिक्र किया। उन्होंने इसे सरकार की खराब योजना का नतीजा बताते हुए कहा कि लोगों के लिए कतार में खड़ा होना आम बात बन गया है।

एलपीजी आपूर्ति पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार एलपीजी की बढ़ती मांग को संभालने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में आपूर्ति प्रभावित हुई है और घरेलू सिलेंडर का वितरण भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं को मिलने वाली मात्रा और गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।

घबराहट में खरीदारी से बढ़ी भीड़
सपा प्रमुख ने कहा कि संभावित कमी की आशंका ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है, जिसके चलते कई जगहों पर लोग तेजी से ईंधन और गैस खरीदने लगे हैं। उन्होंने हाल के निवेश दावों पर भी सवाल उठाते हुए निजी कंपनियों के साथ हुए समझौतों की जांच की मांग की।

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